
फोन आते ही यूनिट के डॉक्टर, टेक्नीशियन और पारा मेडिकल स्टाफ एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस लेकर मरीज के घर पहुंच जाते हैं। हालांकि यह सुविधा फिलहाल पटना के शहरी क्षेत्र तक ही सीमित है। घर पहुंचने पर चिकित्सक मरीज की जांच करते हैं। यदि चिकित्सक को लगता है कि मरीज को भर्ती करने की जरूरत है तो मरीज को लेकर अस्पताल चले आते हैं। यहां भर्ती करते हैं इलाज शुरू होता है। इसके लिए मरीज को 1500 रुपए बतौर शुल्क देना होता है।
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